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घर और किचेन से कहीं आगे हर स्त्री होती है दुर्गा और काली का स्वरुप

भक्ति और जोश के साथ मनाया जाने वाला यह नवरात्र पर्व नारी की शक्तियों से अवगत कराता है मां दुर्गा की पूजा के साथ उनके नौ रूपों की अपार शक्ति को नारी सशक्तीकरण का प्रतीक माना गया है। मां देवी की पूजा हमें बताती है कि एक औरत की वास्तविक शक्ति क्या है। और ये सदेंश भी देती है कि आज की नारी में जहां मां दुर्गा का ममतामयी रूप छुपा है तो वहीं कुछ कर गुजरने का जोश भी निहित है। सृजन और संहार के दोनों रूपों को अपनाकर सशक्त हुई है आज की यह नारी।

आज हम आपको उन शक्तियों से अवगत करा रहे है जिन्होनें अपनी कड़ी मेहनत और लगन के दम पर धरती को चीरकर, आसमान की उचाईयों को छूने की क्षमता रखती है। जब-जब इन महिलाओं को बराबरी का अवसर मिला हैं तब तब उन्होनें अपनी पूरी शक्ति लगाकर देश का नाम रोशन करने में कोई कसर नही छोड़ी है। तो जानें आज की उन नारी शक्ति के बारें में जो आज की दुर्गा और काली के रूप बन इस धरती पर उतरी है…

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प्रिया झिंगन –

प्रिया झिंगन

चंडीगढ़ की धरती का नाम रोशन करने वाली प्रिया झिंगन पहली महिला आर्मी ऑफ़िसर हैं. जिन्होनें सन् 1992 में आर्मी जॉइन करने का बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के द्वारा दिल्ली में फ़र्स्ट लेडीज़ अवॉर्ड का सम्मान प्राप्त किया था। अपने सहपाठियों के साथ बैठी प्रिया ने एक बार यूं ही मजाक में कह दिया था  वो आर्मी ऑफ़िसर से शादी नहीं करेंगी, बल्कि ख़ुद अफ़सर बनकर दिखायेगी। और अपने सपनों के पंख की उडान को आखिर उन्होनें सच साबित कर दिया। और हमारे देश की पहली महिला आर्मी अफ़सर बनी।

अवनी चतुर्वेदी, भावना कांत और मोहिना सिंह –

अवनी चतुर्वेदी, भावना कांत और मोहिना सिंह

महिला शक्ति की पहचान बनने जा रही ये तीनों महिलायेभारतीय वायु सेना का लड़ाकू विमान उड़ाने वालीं पहली महिला पायलट हैं।ये वो शक्ति है जो दुशमनों का सीना चीरते हुये लंबी उड़ान भरने को तैयार है।

शुभांगी स्वरूप –

शुभांगी स्वरूप

उत्तर प्रदेश का गौरव बनाने वाली शुभांगी स्वरूप भारतीय नौसेना की पहली महिला पायलट नियुक्ति की गई है.अब जल्द ही वह मेरीटाइम रिकानकायसन्स विमान की उड़ान भरती हुई नजर आयेगी।

तनुश्री पारीक –

तनुश्री पारीक

दुशमनों की हर चाल के लिये घातक बनी तनुश्री पारीकसीमा सुरक्षा बल की बनने वाली पहली कॉम्बेट महिला ऑफिसर’ है जो पाक सीमा में रहकर दुश्मनों की हर चाल की निगरान करेगी।

अन्ना राजम मल्होत्रा –

अन्ना राजम मल्होत्रा

केरल के एर्नाकुलम ज़िले में जन्मी अन्ना राजम मल्होत्रा हर एक महिलाओं के लिये प्रेरणा स्त्रोत है जिन्होनें हर कठिनाइयों को पार करके आज़ादी के बाद देश की पहली महिला आईएएस ऑफिसर बनने का गौरव प्राप्त किया।

किरन बेदी –

किरन बेदी

डॉ॰ किरण बेदी देश की पहली महिला आईपीएस अधिकारी हैं ।

पुनीता अरोड़ा –

पुनीता अरोड़ा

पहली मह‍िला सैन्‍य अध‍िकार‍ियों की ल‍िस्‍ट में पुनीता अरोड़ा का नाम सबसे टॉप पर है। पुनीता अरोड़ा एक ऐसा नाम जो भारतीय सशस्त्र बलों के लेफ्टिनेंट जनरल का पद पाने वाली भारत की पहली मह‍िला अध‍िकारी हैं। सेना में अपनी सेवा देते हुये उन्होनें 36 साल में करीब 15 पदक हास‍िल क‍िए हैं।

हरिता कौर देओल –

हरिता कौर देओल

सिक्ख परिवार में जन्मीं हरिता कौर देओल सबसे कम उम्र की पहली भारतीय महिला पायलट हैं. जिन्होनें 22 पहली बार अकेले विमान उड़ाकर एक इतिहास रच दिया था।

दिव्या अजीत कुमार –

दिव्या अजीत कुमार

कप्तान दिव्या अजित कुमार भारतीय सेना की पहली महिला (Army Air Defence) ऑफ़िसर होने के साथ पहली महिला कैडेट हैं, जिन्हें Sword of Honor से नवाज़ा गया था.

मिताली मधुमिता –

मिताली मधुमिता

लेफ्टिनेंट कर्नल मिताली मधुमिता भारतीय सेना की पहली ऑफ़िसर हैं जिन्होनें आपनी बहादुरी और अदम्य साहस का परिचय देते हुये अफ़गानिस्तान के क़ाबूल में आतंकवादियों खुलकर सामना किया था इसके लिये उन्हे वीरता के पुरस्कार से नवाज़ा गया है।

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